A Thursday Review Hindi:- Yami Gautam की होस्टेज ड्रामा पढ़ी फीकी

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A Thursday Movie Review

A Thursday Review Hindi:- होस्टेज ड्रामे पर मूवी बनना बॉलीवुड में नया नहीं है। इन फिल्मों की ही लिस्ट में अब A Thursday का भी नाम जुड़ गया है। ऐसी फिल्मों की कहानी का ऊपरी भाग अमूमन सभी को मालूम होता है जिसमे किडनैपर को एक वजह दे दी जाती है और वे धमकी के बल पर अपना काम निकलवा लेते हैं। इस फिल्म का नाम अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह की मशहूर होस्टेज फिल्म A Wednesday से काफी हद तक मिलता है सिर्फ एक दिन की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब हम इस A Thursday Review Hindi में जानेंगे।

क्या है A Thursday की कहानी

फिल्म की कहानी सामाजिक मुद्दों और सरकारी सिस्टम पर वार करती है। एक किंडरगार्डन महिला टीचर (Yami Gautam) के इर्द गिर्द घूमती है। जो अपने कब्जे में 16 बच्चों को कैद कर लेती है और सरकार से अपनी मांग करती है अगर उसे पूरा नहीं किया गया तो एक एक करके हर एक बच्चे को मार देने की धमकी देती है। फिल्म में प्रधानमंत्री का अभिनय डिंपल कपाड़िया (Dimple Kapadia) ने किया है। इसके आलावा फिल्म में Atul Kulkarni और Neha Dhupia ने भी पुलिस की भूमिका निभाई है। 

यामी गौतम की मांग उसके खाते में 5 करोड़ रूपए की होती है और दो लोगों को पकड्वाना चाहती है और सबसे जरूरो मांग प्रधानमंत्री से फेस टू फेस बात करना चाहती है। फिल्म के साभी किरदार नैना जायसवाल (Yami Gautam) को ध्यान में रखकर ही बुने गए हैं। 

होस्टेज ड्रामा में कहानी यूँ तो सिर्फ इतनी सी ही होती है लेकिन उसकी सबसे कमजोर और मजबूत पक्ष केवल एक होता है वे है एक्टिंग क्योंकि ऐसी फिल्मों में लोग अमूमन एक्टिंग के लिए ही देखने आते हैं न की कहानी के लिए। चलिए अब जानते हैं फिल्म में क्या देखने लायक और क्या नहीं।  

फिल्म में क्या अच्छा

यह फिल्म नैना जायसवाल की है यानि यह पूरी तरह से यामी गौतम की एक्टिंग करियर में इजाफा जोड़ने के लिए काफी बेहतरीन साबित हो सकती है। फिल्म में यामी की एक्टिंग के कई फेज आते हैं। वे कई जगह अपने एक्टिंग के दम पर फिल्म को उठाने में भी कामयाब हुई हैं। फिल्म में मुद्दा बेहद संवेदनशील उठाया है और वे दर्शकों को इमोशन कर देंगे। फिल्म का डायरेक्शन बेहतरीन ढंग से किया गया है जिससे दर्शक कुछ हद तक फिल्म से जुड़ सके। किन्तु इसके आलावा फिल्म के काफी नेगेटिव पॉइंट्स इसको सबसे अच्छी फिल्म बनने से रोक रहे हैं। जानिए फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स के बारे में। 

फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स

फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी फिल्म की स्क्रिप्ट ही है। हालाँकि होस्टेज फिल्मों में काफी कुछ दर्शकों को पहले से ही पता होता है लेकिन फिल्म में किरदारों को सही ढंग से लिखा होना भी जरुरी हैं। इसमें Behzad Kambata की कहानी कहीं न कहीं काफी विफल होती हुई दिखी। उनकी लेखनी में ऐसा लगा मानों दोनों मुख्य पुलिस वालों की भूमिका मजाकिया ढंग से लिखी गई हो। प्रधानमंत्री का किरदार भी बेहद कमजोर तरीके से लिखा गया। 

फिल्म में यूँ तो यामी गौतम ने इमोशनल फेज सही से दिखाया लेकिन जो नहीं दिखा पाई वो थी उनका खौफ। उन्होंने फिल्म में 16 बच्चों को किडनैप तो किया था लेकिन यामी जी अपनी एक्टिंग से वे खौफ नहीं दिखा पाई की वे कुछ करेंगी भी। 

अगला नेगेटिव पॉइंट् यह है की फिल्म के ख़त्म होने से तकरीबन 30 से 40 मिनट पहले ही पूरा सस्पेंस भी खुल जाता है लेकिन इसके बावजूद फिल्म को खिंचा जाता है।  

Bollyhind की A Thursday को रेटिंग 

फिल्म की कहानी जिस तरीके से लिखी गई है उससे मालूम होता है की लेखक खुद फिल्म की पटकथा लिखते हुए नीरज पांडे की फिल्म A Wednesday देख रहें होंगे किन्तु इस चक्र में न वे वेडनेसडे को मात दे पाए और न फिल्म को उसके बराबर ला पाए। bollyhind की तरफ से इस movie को 2.5 स्टार दिए जाते हैं। इस फिल्म को एक बार देखा जा सकता है। डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर फिल्म उपलब्ध है। 

धन्यवाद। 

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